Homeताज़ातरीनद्रोपदी मुर्मू का समर्थन क्यों कर रही है बसपा?

द्रोपदी मुर्मू का समर्थन क्यों कर रही है बसपा?

द्रोपदी मुर्मू इस नाम के सुर्खियों में आने के बाद अब यह नाम किसी पहचान का मोहताज नहीं है। सोशल मीडिया से इस बात की जानकारी तो आपको मिल ही गई होगी कि द्रोपदी मुर्मू राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार है। इनका नाम इसलिए चर्चा में भी है क्योंकि द्रौपदी मुर्मू पहली आदीवासी महिला है जो भारत की महिला राष्ट्रपति बन सकती हैं। अब सवाल यह उठता है क्या देश की बनने वाली पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति सिर्फ एक कठपुतली बनकर रह जाएंगी। कहने का मतलब यह है कि क्या सच में द्रोपदी मुर्मू दलितों और आदिवासियों के लिए काम कर पाएंगी। 

द्रोपदी मुर्मू को सभी पार्टियों की तरफ से भरपूर समर्थन मिल रहा है लेकिन सभी की निगाहें देश की सुप्रीमो मायावती के निर्देश पर टिकी थी। बहन जी ने द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने का ऐलान किया है। मायावती ने इस समर्थन का ऐलान करते हुए कहा कि आदिवासी समाज बसपा के मूवमेंट का खास हिस्सा है। द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने का फैसला इसी कारण लिया गया है। बसपा अध्यक्ष का कहना है उनकी पार्टी ने यह फैसला भाजपा या एनडीए के पक्ष में नहीं लिया गया है।

बसपा सुप्रीमो के फैसले के काफी गंभीर अर्थ निकाले जा रहे हैं लेकिन सच तो यह है कि बहनजी ने एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को इसलिए अपना समर्थन दिया देश को एक सशक्त और मज़बूत महिला राष्ट्रपति मिल सके। आपके बता दें कि बसपा सुप्रीमो ने मयावाती ने सारी अफवाहों से पर्दा उठाते हुए कहा कि हमारी पार्टी ने आदिवासी समाज को अपने मूवमेंट का खास हिस्सा मानते हुए द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद के लिए अपना समर्थन देने का फैसला किया है।  उन्होने आगे कहा ये फैसला ना किसी पार्टी के विरोध में है और ना ही समर्थन में। पूरे देश को द्रौपदी मुर्मू के समर्थन के लिए बहन जी के एलान का ही इंतजार था जो कि अब पूरा हो चुका है अब जबकि द्रौपदी मुर्मू को देश के एक सशक्त महिला का समर्थन मिल गया है अब देखने में काफी दिलचस्प रहेगा कि क्या द्रौपदी मुर्मू देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बन पाएंगी?

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