हर 2 से 5 मिनट में मरते है दो भारतीय वायु प्रदूषण के करण

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 आप सब ये तो जानते ही है की आज कल ज्यादार बीमारियां प्रदूषण से हो रही है और इस इसी वजह से काफी ज्यादा आबादी में लोग बीमार हो रहे है जिसकी वजह से अस्पतालों  में कई लोगो का इलाज़ नही हो पाता और मौत हो जाती है, और वायु प्रदूषण के कारण ही दिन प्रतिदिन औसतन कई लोग मारे जाते हैं। इस दुनिया  के सबसे प्रदूषित शहरों में से कई शहर भारत में भी हैं।
    इस हफ्ते यह जारी किया है की अध्ययन वर्ष 2010 के आंकड़ों पर आधारित है। इसमें कहा गया है, काफी  समय से पूर्व जन्म के मामलों को पीएम 2.5 के प्रभाव से जोड़ा जा सकता है और इन मामलों में सबसे बुरी तरह दक्षिण एशिया प्रभावित होता है।
 द लांसेट में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन मानवीय स्वास्थ्य पर तो भारी खतरा पैदा करता ही है साथ ही साथ यदि सही कदम उठाए जाएं तो वह 21वीं सदी का सबसे बड़ा वैश्विक स्वास्थ्य अवसर भी है।
 और अपने सुना होगा की हाल ही में 48 प्रमुख वैग्यानिकों ने अध्ययन जारी किया और पाया कि पीएम 2.5 के स्तर या सूक्ष्म कणमय पदार्थ है  इसी लिए नयी दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर हैं। ये कण दिल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं।
 अध्ययन कहता है कि वायु प्रदूषण सभी प्रदूषणों का सबसे घातक रूप बनकर उभरा है। दुनियाभर में समय से पूर्व होने वाली मौतों की संख्या में  यह चौथा सबसे बड़ा खतरा बनकर सामने आया है। और जब तक इस पर विराम नहीं लगाया जायेगा तब तक ऐसे ही भारतीय लोगो की आबादी काम होती रहेगी | जो की भारतीयों के लिए यह खतरनाक साबित हो सकता है

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