हरित कॉरिडोर से भीलवाड़ा से अजमेर जाएगा माँ का दूध 

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जयपुर  भीलवाड़ा  से अजमेर के सरकारी अस्पताल में नवजात बच्चो की जिंदगी बचाने के लिये एक हरित कॉरिडोर का निर्माण कर एक अनूठा प्रयास किया गया है इस कॉरिडोर के जरिये भीलवाड़ा से 600 यूनिट माँ का दूध अजमेर के अस्पताल भेजा जायेगा माँ के दूध के लिये अपने आप में पहला 150 किलोमीटर का हरित कॉरिडोर भीलवाड़ा से अजमेर के बीच बुधवार को एक वैन में माँ का दूध माइनस 20 डिग्री सेल्सियस के तापमान में रखकर दो घंटे में पहुंचाया गया आमतौर पर हरित कॉरिडोर अंग प्रत्यारोपण के परिवहन करने के लिया जाता है भीलवाड़ा के अतिरिक्त कलेक्टर आनंदीलाल वैष्णव ने बताया की माँ का दूध ले जा रही वैन को जीरो यातायात अवरोधक के लिये यातायात पुलिस को तैनात किया गया था टोल प्लाज से वैन को बिना रोकटोक निकालने के लिये पूर्व में निर्देश जारी कर दिये गये थे वैन के साथ एक पुलिस वाहन भी भेजा गया भीलवाड़ा में जीपीएस तकनीक के जरिये यातायात पर निगरानी रखी गई भीलवाड़ा में स्वेच्छा से दान करने वाली माताओ से 62 हजार मिलीमीटर माँ का दूध अजमेर अस्पताल की मांग को पूरा करने के लिये भेजा गया अजमेर में नवजात शिशुओ की नवजात गहन चिकित्सा इकाई में अधिक भर्ती होने अधिक शिशु मृत्यु दर और भीलवाड़ा से अजमेर नजदीक होने के कारण अजमेर को चुना गया सरकार की दूध बैंक परियोजना के प्रदेश परामशर्दाता देवेंद्र अग्रवाल ने बताया की जो माताए अपने नवजात को कुछ कारणों की वजह से दूध नहीं पिला पाती उनके नवजात शिशुओ के लिये बैंक बनाया गया माँ का दूध बेहतर विकल्प है नवजात के लिये माँ दूध अमृत होता है अजमेर संभाग के अजमेर में नवजात मृत्यु दर सबसे ज्यादा है भीलवाड़ा के बैंक में माँ का दूध ज्यादा होने के कारण हम लोगो ने अजमेर भेजने का निर्णय लिया

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