बिरसा मुंडा 

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बिरसा मुंडा एक ऐसे आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने ब्रिटिश के खिलाफ संग्राम किया और उनके द्वारा गए सामाजिक कार्यो आंदोलनो व संघर्षो के कारण मुंडा समाज उन्हें भगवान की तरह जते है बिरसा मुंडा का जन्म रांची जिले के उलिहातू  गाँव में सन 1875 में हुआ उनके पिता का नाम सुगाना मुंडा तथा माता का नाम करमी हटू था आर्थिक आभाव के कारण उनकी प्रारंभिक शिक्षा गाँव में ही हुई परन्तु उनकी शिक्षा के प्रति रूचि  देखते हुए अध्यापक ने उन्हें क्रिस्चियन स्कूल में प्रवेश लेने को कहा कुछ समय  तक उन्होंने  क्रिस्चियन स्कूल में शिक्षा प्राप्त की परन्तु इसके लिए उन्हें धर्म परिवर्तन करना पड़ा बिरसा मुंडा सरदार आंदोलन से प्रभावित हुए और इस आंदोलन से जुड़ गए उन्होंने आदिवासियों पर हो रहे अत्याचारों व उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाई आदिवासियों को उनकी अपनी ज़मीन से बेदखल करने व लोगो को बलपूर्वक इसाई बनाने का उन्होंने विरोध किया जो की आदिवासियों के हितो को अवहेलना करती थी उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ नारा दिया रानी का शासन ख़त्म करो और हमारा साम्राज्य स्थापित करो ब्रिटिश सेना का सामान करने के लिए उन्होंने लोगो को एक साथ किया और आदिवासी गोरिल्ला सेना के साथ उनका सामना किया लम्बे समय तक चले संघर्ष में कोई आदिवासी लोगो की गिरफ्तारियां हुई व कई औरतो व बच्चे शहीद हुए बिरसा मुंडा को भी चक्रधरपुर से गिरफ्तार कर लिया गया  और रांची जेल में उन्होंने अंतिम सांस ली बिरसा मुंडा ना केवल एक योद्धा थे बल्कि आकाल व महामारी के दौरान उनके द्वारा की गई सेवा के कारण वे एक लोक नायक भी थे
सचिन कुमार सेवक
sachinkr4777@gmail.comSachin Kumar Sewak

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