बिजली महत्वपूर्ण है लेकिन खतरनाक भी है बिजली

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अगर आप उन तरीकों को देखें जिनसे आज हम इस धरती पर ऊर्जा पैदा कर रहे हैं, तो आप पाएंगे कि थर्मल प्लांट सबसे ज्यादा हैं और एक हिस्सा पनबिजली यानी हाइड्रोइलेक्ट्रिक का है। एक समय हमें लगता था

पानी की ताकत का इस्तेमाल करते हुए ऊर्जा पैदा करना सबसे सस्ता और सुरक्षित तरीका है और इससे प्रदूषण भी नहीं फैलता।

अब हम इसका विरोध करने लगे हैं, क्योंकि हमें अहसास हो गया है कि अगर आप बहुत ज्यादा बांध बनाएंगे तो यह खतरनाक हो सकता है। इसलिए अब हम इसके खिलाफ बात कर रहे हैं। एक समय था

जब हर कोई पानी से बनने वाली बिजली के लिए अभियान चला रहा था। क्योंकि इससे कोई धुंआ बाहर नहीं निकलता, कोई मशीन नहीं चलती बस सहज रूप से पानी बहता रहता है। हां, पानी को थोड़ा रोकना पड़ता है, बांध बनाने पड़ते हैं,

लेकिन इससे कई सालों तक बिजली पैदा होती रहती है। हां, इसके लिए आपको बारिश के देवता को प्रसन्न करना पड़ता है। दो गधों की शादी करानी पड़ती है। देश के कुछ हिस्सों में ऐसी मान्यता है कि अगर आप दो गधों की शादी करा दें तो बारिश हो जाती है। लेकिन मुझे तो ऐसा लगता है कि इतने सारों की शादी हो रही है लेकिन बारिश तो होती ही नहीं।

तो अब हम इसका विरोध करने लगे हैं, क्योंकि अब हमें पता चल गया है कि इससे कैसा नुकसान हो सकता है। फि र हमने सोचा कि हम कोयला, गैस या तेल जलाएंगे और बिजली पैदा करेंगे। थोड़ा बहुत धुंआ ही तो आकाश में जाता है।

आकाश तो असीमित है, उससे भला क्या फ र्क पड़ेगा! लेकिन हमें पता चला कि इससे भी गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं। अब हम नाभिकीय ऊर्जा के बारे में बात कर रहे हैं। इसमें कोई शक नहीं कि इससे कोई धुंआ बाहर नहीं आ रहा है,

लेकिन आप इस सृष्टि के बुनियादी निर्माण सामग्री से खेल रहे हैं। परमाणु इस रचना की मूल निर्माण सामग्री है और आप उसके साथ खेल रहे हैं। भले ही इससे धुंआ नहीं निकलता, लेकिन इसके अपने परिणाम होंगे। अगर किसी चीज से धुंआ नहीं निकलता है तो ऐसा मत सोचिए कि वह खतरनाक नहीं है।

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