डॉ भीमराव अम्बेडकर  

0
901
भीमराव अम्बेडकर का जन्म मध्य प्रदेश में 14 अप्रैल 1891 में हुआ इनके पिता का नाम रामजी राव व माता भीमबाई थी उनके पिता ब्रिटिश भारतीय सेना में सूबेदार थे वे जाति से महार थे माता व पिता दोनों ही शिक्षा के महत्व को समझते थे इसलिए शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी पिता के सेवानिवृत होने के कारण उनका बचपन अभावो में गुजरा साथ ही प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक प्रत्येक कदम पर दलित होने के कारण सामाजिक भेदभाव को सहा उन्हें प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश इस शर्त के साथ मिला की वे कक्षा में दरवाजे के पास अपनी टाट पर बैठोगे किसी को नहीं छू सकते क्यूंकि तुम अछूत हो भीम राव शिक्षा में बहुत तेज व प्रतिभावान थे इसी गुणे के कारण वे अध्यापको के प्रिय भी बने एक शिक्षक ने स्नेहपूर्वक उनके नाम के आगे उनके गाँव का नाम अम्बेडकर जोड़ दिया अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्ति के लिए छात्रवृति प्राप्त करने हेतु उन्होंने बड़ौदा नरेश की उस प्रतिज्ञा पत्र को स्वीकार किया जिसमे यह शर्त थी की शिक्षा सम्पूर्ण होने पर दस सा ल तक बड़ौदा की सेवा करनी पड़ेगी कोलंबिय विष्वविधालय से उन्होंने PH.D की डिग्री हासिल की उनका शिक्षा का संघर्ष लगातार चलता रहा है और अर्थशास्त्र, न्यायशास्त्र आदि विषयो में विश्व के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों से डिग्री प्राप्त की  बड़ौदा रियासत से मिलने वाली  छात्रवृति डॉ अम्बेडकर को प्राप्त न हो और उनकी शिक्षा पूरी न हो सके इसके लिए रियासत के दीवान ने षड्यंत्र भी रचा परन्तु समय रहते षड्यंत्र की जानकारी को बाबा साहेब के द्वारा नरेश को हो गई और अंततः छात्रवृति जारी रही भारत वापिस आ कर  उन्होंने दलित -शोषित वर्ग का छुआछूत के विरोध सामाजिक आंदोलन शुरू किया उन्होंने दलित समाज को आवाज प्रदान करने के लिए मूकनायक अख़बार शुरू किया शोषित समाज को उनका समान व स्थान दिलाने के लिए उन्होंने बहिष्कृत हितकारणी ‘ की स्थापना की हितकारिणी सभा की वे दलितों पर हो रहे अत्याचार व उनके अधिकारों के लिए साइमन कमीशन के सामने उपस्थित हुए उन्होंने दलितों व शोषित वर्ग की समस्याओ व अधिकारों को गोलमेज सभा के सामने भी रखा अम्बेडकर जी अछूतो का निर्वाचन क्षेत्र अलग चाहते थे परन्तु  डॉ अम्बेडकर की इस माँग के विरोध महात्मा गाँधी आमरण अनशन पर बैठ गए डॉ अम्बेडकर अपनी बात पर अडिग रहे परन्तु कस्तूरबा गाँधी व पुत्र देवदास गाँधी ने डॉ अम्बेडकर से विनती की वे समझौता कर ले वरन महात्मा गाँधी अनशन के कारण मर जाएगें अनंत अम्बेडकर जी मान गए इस प्रकार अम्बेडकर गाँधी समझौता हुआ आजादी के पश्चात् वे भारत के पहले कानून मंत्री बने डॉ अम्बेडकर की अध्यक्षता में भारत की लोकतांत्रिक धर्मनिरपेक्ष व समाजवादी सविधान का निर्माण हुआ उन्होंने नदी घटी परियोजनाओं स्वतंत्र चुनाव आयोग EMPIOYMENT EXCHANGE की स्थापना RBI की स्थापना महिलाओ के लिए पहली बार प्रसुति अवकाश की व्यवस्था की 1948 में उन्होंने हिन्दू कोड बिल विधान सभा में प्रस्तुत किया इस मसौदे में उत्तराधिकार विवाह तलाक व लैंगिगक समानता की माँग की गई थी परन्तु इसे महत्वपूर्ण मसौदे को स्वीकार कर दिया इससे आहात होकर उन्होंने कानून मंत्री पद दिया उन्होंने 1956 में धर्म परिवर्तन कर बुद्ध धर्म को स्वीकार कर लिया दलित वर्ग के अधिकारों की राजनैतिक व सामाजिक लड़ाई जीवन प्रयत्न लड़ते हुए उनका शरीर मधुमेह से पीड़ित होने के कारण कमजोर होता गया और 6 दिसंबर 1956 को दलितों का मसीहा दुनिया से विदा हो गए सन 1990 में भारत के प्रथम कानून मंत्री डॉ भीमराव अम्बेडकर को भारत का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया
केवल मेरे नाम की जय जयकारकरने से अच्छा है मेरे बताये गए रास्ते पर चले
शिक्षित बनो , संगठित बनो , संघर्ष करो
सचिन कुमार सेवक
sachinkr4777@gmail.comSachin Kumar Sewak

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here