गोरक्षा समूहों पर प्रतिबन्ध : सुप्रीम कोर्ट ने माँगा जबाब 

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सर्वोच्च न्यायलय के न्यायमूर्ती दीपक मिश्रा एवं न्यायमूर्ती ए एन खानबिलकर ने गोरक्षा समूहों पर प्रतिबन्ध की मांग करने वाली याचिका पर छे राज्यों, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, झारखण्ड और कर्णाटक प्रदेशो को नोटिस जारी किये और उन्हे तीन सप्ताह में अपना जबाब देने को कहा गया है ! पीठ ने अगली सुनवाई के लिए 3 मई की तारीख तय की है ! याचिकर्ताओं की ओर से पेश हुए वकील ने राजस्थान के अलवर में हुई हाल की घटना  का हवाला दीयः ओर कहा की इस घटना ने देश को झकझोर के रख दिया है जिसमे एक जवान व्यक्ति क  मार मार क्र हत्या कर दी है ओर कहा की इन राज्यों में जमीनी स्थिति बेहद खतरनाक है क्यंकि गोरक्षक दल व समूह वहां पर हिंसा पर उतारू ओर हिंसा कर रहे है
केंद्र की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल रणजीत कुमार ने सर्वोच्च न्यायलय की पीठ से कहा कि याचिका पर औपचारिक तौर पर नोटिस नहीं दिया है इसके बाद इन राज्यों को तीन हफ्ते का नोटिस दिया है ओर जबाब माँगा है इसलिए अगली सुनवाई तीन मई 2017  को तय कि गई है ! 21 अक्टूबर 2016 को याचिका की समीक्षा पर सहमति जताई थी ! याचिका में गोरक्षा समूहों के खिलाफ कारवाही की मांग की गई थी कि इन राज्यों में ये लोग अल्पसंख्यकों व दलितों  व कमजोर वर्गो  पर अत्याचार  कर रहे है
सामाजिक कर्यकर्ता तहसीन ए पूनावाला ने अपनी याचिका में कहा था कि इन गोरक्षक समूहों द्वारा कथित हिंसा के बारे में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है की कुछ लोग गोरक्षक  के नाम पर हिंसा कर रहे है ओर समाज को नष्ट कर रहे है !

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