TATA का हो सकता हे Air India सरकार ने जताई बेचने पर सहमति

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नई दिल्ली: टाटा ग्रुप ने कर्ज में डूबी हुई एयर इंडिया में हिस्सेदारी खऱीदने में दिलचस्पी दिखाई है, न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से यह रिपोर्ट दी है. एयर इंडिया अभी सरकार से मिले पैकेज के बल पर चल रही है. लंबे समय से यह एयरलाइन घाटे में चल रही है और इसको लेकर कई सुझाव आ रहे हैं. नीति आयोग ने तो एयरलाइन के पूर्ण निजीकरण का सुझाव दिया है. हालांकि, नागर विमानन मंत्रालय ने इस राष्ट्रीय एयरलाइन के निजीकरण के प्रस्ताव पर चिंता जताई है. सरकार इसे फिर से बेहतर स्थिति में लाने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रही है.

केंद्र सरकार ने इशारा किया है कि वो टाटा ग्रुप को करोड़ों के कर्ज में डूबे एयर इंडिया बेच सकती है। बुधवार को इस तरह की खबरें आई थीं कि टाटा ग्रुप एयर इंडिया को फिर से खरीदना चाहता है। हालांकि इसके लिए कंपनी ने सरकार के सामने कुछ शर्ते रखी हैं। टाटा ग्रुप, सिंगापुर एयरलाइंस और विस्तारा के साथ मिलकर के एयर इंडिया को खरीदेगा।
सरकार से पहले टाटा ही था एयर इंडिया का मालिक
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, कुछ हफ्ते पहले टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने वित्त मंत्री अरुण जेटली और नागर विमानन मंत्री अशोक गजपति राजू के साथ इस मुद्दे पर मुलाकात की थी। अब सरकार यह सोच रही है कि एयर इंडिया की आंशिक हिस्सेदारी को बेचा जाए या फिर पूरी तरह से बेच दिया जाए।

अरुण जेटली ने कहा था कि अगर प्राइवेट एयरलाइंस 85 फीसदी जिम्मेदारी संभाल सकती हैं तो फिर 100 फीसदी भी कर सकती हैं।

टाटा ग्रुप के लिए यह एक प्रकार की ‘घर वापसी’ है. 1932 में टाटा एयरलाइन्स के नाम से शुरू की गई इस विमानन कंपनी का बाद में राष्ट्रीयकरण कर दिया गया था. वर्तमान में इस कंपनी पर 52 हजार करोड़ का कर्ज है. बता दें टाटा विस्तारा और एयर एशिया इंडिया, दोनों के साथ संयुक्त उपक्रम में पहले से ही इस क्षेत्र में है.

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