सुरक्षित नहीं गर्भ निरोधक गोलियां  

0
657
गर्भधारण से बचने या बच्चों के जन्म के बीच अंतर बनाये रखने के लिए आमतौर पर महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती है क्योकि ये उनके लिए आसान और सुविधाजनक होती है शायद इनका सेवन करने वाली महिलाएं यह नहीं जानती कि ये पूर्णतः सुरक्षित नहीं है तथा इनके साइडइफेक्ट्स भी है |
हाल ही में अमीरीकी शोधकर्ताओ ने गर्भनिरोधक गोलियों के साइडइफेक्ट्स के बारे में चेतावनी दी है | उनके मुताबिक इसके ज्यादा प्रयोग से स्ट्रोक तक का खतरा बढ़ जाता है | यदि महिला पहले से ही स्ट्रोक कि शिकार है और वह गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती है तो ये उसके लिए घातक हो सकती है |
शिकागो यूनिवर्सिटी कि शोधकर्ता मारिसा मैकमलिनी के अनुसार इस तरह की गोलियों के सेवन से ज्यादातर इस्कीमिया के दौरे पड़ते है | इसके चलते खून का थक्का बनने की समस्या गहरा जाती है | इसमें सिथेटिक एस्ट्रोजन का प्रयोग किया जाता है | वह स्ट्रोक की शिकार महिलाओं को गर्भनिरोधक गोलियों न लेने की सलाह देती है |
 यह जान लेना जरुरी है कि गर्भनिरोधक गोलियों गर्भ को कैसे रोकती है?  दरअसल ये गर्भाशय के मुखद्वार की बलगम को गाढ़ा करती है ताकि शुक्राणु का प्रवेश कठिन हो जाये | ये गोलिया बीजदानी में अंडा पकने नहीं देती | इसके अलावा गर्भाशय की अंदरूनी सतह को मोटा नहीं होने देती, ताकि भ्रूण धंस न सके |गर्भ निरोधक गोलियां लेने से कुछ सामान्य परेशानियां भी हो सकती है जैसे एक से दूसरे मासिक धर्म के बीच दाग-धब्बा लगना या खून बहना , मासिक धर्म का रुकना , जी मिचलाना , सिरदर्द, स्तनों में भारीपन आदि |
यदि बहुत ज्यादा सिरदर्द हो , अचानक बिलकुल दिखना बंद हो जाये या धुंधला दिखाई देने लगे, छाती में तेज दर्द, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, पेट में तेज दर्द या पैरों में अचानक बहुत तेज दर्द हो तो गर्भ निरोधक गोलियां बंद करके डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए | वैसे भी इनका पहली बार इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए|

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here