शिव की पूजा कर कैसे प्रसन करे

0
440

महा शिवरात्रि को कलरात्रि के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन पार्वतीजी का विवाह भगवान शिव से हुआ. यह दिन
महँ प्राकृतिक शक्तियों का दिन है. इन दोनों शक्तियों के मिलन को महाशिवरात्रि के रूप में जाना जाता है.पृथ्वी की
रचना पूरी होने के बाद देवी पार्वतीजी ने भगवान शिव से पूछा तुम्हारा सबसे पसंदीदा अनुष्ठान कौन सा है|
भगवान शिव ने कहा फागुन मास की शुक्लपक्ष की १3वी रात मेरा पसंदीदा दिन है|

महाशिवरात्रि के दिन ही कावड़
लाने वाले लोग शिवलिंग को पवित्र गंगाजल से स्नान कराते हैं और नकारत्मक ऊर्जा को खत्म करते हैं| माना जाता
है कि कावड़ का सम्बन्ध समुद्र मानता से है|माना जाता है कि इसी दिन शिवजी ने ब्रह्मा रूप से रूद्र का अवतार
लिया था| इस दिन जो भी भक्त ब्रत उपवास रखता है उसके अंदर के सभी दरिद्र और नाकारात्मक तत्व समाप्त हो
जाते हैं| कितना भी दुष्ट,पापी या अनैतिक कर्म करने वाला व्यक्ति इस दिन शिवभक्ति से तर जाता है और अपने
पाप कर्मो से मुक्त हो जाता है|शिवरात्रि शिवजी कि अत्यंत प्रिय तिथि होती है|

इस दिन चन्द्रमा क्षीण अबस्था में
होता है जो कि मन का कारक होता है| चंद्र शिवजी के मस्तक कि शोभा बढ़ाता है|यदि इस दिन शिवजी को प्रसन
किया जाये तो मन कि सिथति भी सिथर हो जाती है|जो हमें जीवन के उतार-चढ़ाव से लड़ने में डटकर सामना करने
में सहायक होती है|

शिवजी के पूजन विधि
शिवरात्रि के दिन शिवमंदिर में शिवलिंग पर बेलपत्र,दूध,गंगाजल,दही ,घी ,शहद,मिश्री,पुष्प आदि से अभिषेक किया
जाता है|मन में कामना म पूर्ति के लिए प्राथना कि जाती है|इस दिन महामृत्युंजय मन्त्र व् ॐ नमः शिवाय का जप
किया जाता है|

आचार्य मुकेशजी

फ़ोन -9810591598

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here