व्हाट्सएप पर भेजा गया नोटिस भी होगा मान्य – WhatsApp par Bheja Gaya Notice Bhi Hoga Many

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इस डिजिटल युग में बॉम्बे हाईकोर्ट ने व्हाट्सएप के माध्यम से भेए गए नोटिस को वैध करार दिया है। जस्टिस गौतम पटेल ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि बैंक से बच रहे एक क्रेडिट कार्ड डिफॉल्टर ने न केवल पीडीएफ फाइल में नोटिस देखा बल्कि उसको खोलकर पढ़ा भी।

हाईकोर्ट एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेस की एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था। बैंक ने नालासोपारा निवासी रोहिदास जाधव के खिलाफ क्रेडिट कार्ड के 1.17 लाख रुपए के बकाए के लिए केस किया था।

जस्टिस पटेल ने कहा, ‘जाधव को अधिकृत अफसर द्वारा व्हाट्सएप पर पीडीएफ फाइल में नोटिस भेजा गया। यह साफ है कि नोटिस भेजा गया क्योंकि व्हाट्सएप मैसेज पर आइकन इंडिकेटर्स से साफ पता चलता है कि मैसेज न सिर्फ भेजा गया बल्कि पढ़ा भी गया।’

बैंक की ओर से वकील मुरलीधर काले ने कहा कि जाधव ने अपना घर बदल लिया था इसलिए उन्हें नोटिस भेजा नहीं जा सका। उनके पास जाधव का फोन नंबर उपलब्ध था, उस पर नोटिस भेज दिया गया जो कि हाईकोर्ट ने अपने रिकॉर्ड में लिया।

पीडीएफ में वकील के नोटिस के साथ अगली सुनवाई की तारीख के बारे में जानकारी दी गई थी। ब्लू टिक्स इस बात का सबूत था कि जाधव को मैसेज मिला, उसने खोला और पढ़ा भी।

कंपनी ने क्रियान्वयन याचिका के साथ हाईकोर्ट की शरण ली क्योंकि जाधव ने उसके कॉल उठाने बंद कर दिए। साथ ही उसके अधिकारियों से मिलने से इनकार कर दिया।

जाधव पर 2010 में 85,000 रुपए का बकाया था। 2011 में उन्हें 8 प्रतिशत ब्याज पर वापस चुकाने के लिए कहा गया। जाधव ने वह भी नहीं चुकाया और बकाया राशि 1.17 रुपए लाख जा पहुंची।

अदालत ने कंपनी से कहा कि वह सुनवाई की अगली तारीख तक प्रतिवादी का आवासीय पता पेश करे ताकि यदि आवश्यकता पड़े तो उसके खिलाफ वारंट जारी किया जा सके।

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