योगी आदित्य नाथ को उत्तरप्रेदेश का मुख्यमंत्री चुनाव से पहले ही चुन लिए गया था

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योगी आदित्य नाथ को उत्तरप्रेदेश का मुख्यमंत्री चुनाव से पहले ही चुन लिए गया था
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने उत्तर प्रदेश में हिन्दुत्व के राजनीति के ‘टाइगर’ कहे जाने वाले योगी आदित्यनाथ को राज्य का मुख्यमंत्री बनाकर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया गया है |

और इसीलिए योगी को मुख्यमंत्री पद की कमान को सौंपने का फैसला गोरखपुर स्थित गोरक्षपीठ में बहुत पहले हो ही चुका था, और इस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और संत समाज ने अपनी मुहर लगाई थी, लेकिन चुनाव मुख्यमंत्री के चेहरे के बिना लड़ा गया था, लिहाज़ा इस बात का खुलासा नहीं किया गया था
साथ ही शीर्ष नेतृत्व ने योगी को सामने लेन की वजह है एक तीर से कई निशाने साधने है| यानी ‘किलिंग टू बर्ड्स विद वन स्टोन’ का फॉर्मूला फिर अपनाया है. और योगी को राज्य की सत्ता में सौंप पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के अलावा आरएसएस ने अपना मंतव्य भी साफ कर दिया है – और इस राज्य में पार्टी की निगाह साल 2019 में होने वाले लोकसभा के मिशन पर टिकी हुई हैं |

इसलिए योगी को काम का पूरा वक्त दिए बिना ही सिर्फ उनकी उग्र हिन्दुत्ववादी छवि पर सवाल उठाना भी नाइंसाफी होगी. क्योंकि जब नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद का दायित्व संभाला था, तो उस दौरान भी यह बात उठी थी, लेकिन जैसा की अआप जानते है की आज कल स्थितियां बदल गई हैं |
और हमारी मने तो राजनीतिक लिहाज़ से पूर्वांचल बीजेपी के लिए अहम है. क्योंकि यहां की 141 सीटों में 111 पर बीजेपी का परचम लहराया था, जबकि एसपी 14 और बीएसपी सिर्फ 12 सीटें जीतने में कामयाब रहीं. और 15 साल बाद पूर्वांचल का कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा है ये बहुत ही आश्चर्यजनक है |

इसके साथ ही वर्ष 2002 में राजनाथ सिंह पूर्वांचल से अंतिम मुख्यमंत्री माने जाते थे. लैकिन ऐसी स्थिति में योगी का उभरना क्षेत्र के लिए सुखद है. इसी वजह से योगी को काम करने का पूरा मौका मिलना चाहिए. जिम्मेदारी और दायित्व मिलने के बाद व्यक्ति अनुभवी हो जाता है |

एक नई विचारधारा का प्रतिस्फुटन होता है. सो, उम्मीद की जानी चाहिए कि योगी सबको साथ लेकर चलेंगे और बीजेपी से सबका विकास करेगी |

और उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है. यहां की चुनौतियां भी बड़ी-बड़ी हैं, जिन्हें संभालना योगी के लिए चुनौती साबित होगा. विकास, कानून एवं व्यवस्था और महिला सुरक्षा के साथ-साथ किसानों, युवाओं की समस्याएं तथा रोज़गार भी बड़ी चुनौतियां होंगी. साथ ही पूर्व सरकार की चालू योजनाओं को मंज़िल तक पहुंचाना भी अहम होगा |

आप सब ये तो जानते ही है की पूरे देश में नरेंद्र मोदी के नाम की आंधी चल रही है, और कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया है. बीजेपी ने पूर्वोत्तर जैसे राज्यों में भी अपना पांव जमा लिया है. साथ ही देश की 58 फीसदी आबादी पर बीजेपी का कब्जा हो गया है |

दलित, मुस्लिम वर्गों में भी बीजेपी, प्रधानमंत्री मोदी और उनकी नीतियों का जलवा सिर चढ़कर ऐसे बोल रहा है है जैसे कोई स्टार के फेनो पर चढ़ा होता है और अब मोदी भी स्टार से काम नही है, क्योंकि अगर ऐसा न होता तो उत्तर प्रदेश के दलित और मुस्लिम-बहुल क्षेत्रों में बीजेपी को बड़ी जीत नहीं मिलती. प्रतिपक्ष को दिमाग खोलकर यह बात समझनी चाहिए थी की. वक्त के साथ जो बदलता है, वही असली खिलाड़ी है |

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