मैं औरत हूँ .

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मैं औरत हूँ .
……मैं प्यार करती हूँ 
…..मनुहार करती हूँ 
मैं पालन हार हूँ 
…..पर गुहार भी करती हूँ 
मैं सृजन जानती हूँ
……पर विनाश भी करती हूँ
मैं संसार रचती हूँ
…….इसलिए जननी हूँ
मैं सत्य हूँ
…..सुन्दर हूँ
सहनशील हूँ
…..मैं ही माँ हूँ
बेटी हूँ ….बहन हूँ
……और तुम्हारी प्रिय पत्नी भी
तुम कहते हो
……मैं यौवन और श्रंगार हूँ
लेकिन मैं सृष्टि हूँ
……..जगत जननी हूँ
मैं सम्पूर्ण हूँ
और मुझे गर्व है कि मैं औरतहूँ ।।
मेरा ….अपमान न करो

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