महिलाओं के लिए ठीक नहीं है तनाव में काम करना

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जिंदगी में तनाव कभी भी कही भी आजाता है यदि आपका किसी से झगड़ा हुआ है या फिर आप किसी बात को लेकर गहरे तनाव में चली गई हैं, तो आपको आराम की जरूरत है। तनाव के हालात में काम करना आपके लिए घातक साबित हो सकता है।  तनाव में काम करने से महिलाओं में हृदय रोग की आशंका पुरुषों के मुकाबले दोगुनी होती है।

क्यों होता है महिलाओ को तनाव ?
महिलाओं के लिए ठीक नहीं है तनाव में काम करना

एक शोध के अनुसार, दैनिक दिनचर्या में होने वाला तनाव महिलाओं के हृदय पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। नौकरी, घर की देखभाल, बच्चे और रिश्तेदार आदि कई वजह हैं जो तनाव का कारण हैं। यही तनाव महिलाओं के दिल पर बोझ बढ़ा देता है।

महिलाओं में पिछले 15 साल में काम की ज्यादा मांग के चलते उनके हृदय पर अधिक प्रभाव पड़ा। जो व्यक्ति काम के दबाव से समायोजन कर लेते हैं उनकी तुलना में तनाव ग्रस्त लोगों में हृदय रोग की आशंका 50 फीसदी अधिक होती है। अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि बुजुर्गो में दिल की बीमारी सामान्य बात होती है और इसके लिए उनकी जीवन शैली और तनाव जिम्मेदार होता है।

ये भी हो सकते है तनाव के कारण
महिलाओं के लिए ठीक नहीं है तनाव में काम करना
महिलाओं के लिए ठीक नहीं है तनाव में काम करना

निष्कर्षों के अनुसार, हर साल करीब 47 प्रतिशत महिलाओं और 38 प्रतिशत पुरुषों की हृदय रोग से मृत्यु होती है। जिन महिलाओं में एचडीएल का स्तर कम है। कोलेस्ट्रॉल और उच्च रक्तचाप की समस्या है। धूम्रपान और शराब का सेवन करती हैं। अस्वस्थ आहार लेती हैं और व्यायाम नहीं करती हैं। ऐसी महिलाओं में हृदयरोग से होने वाली मौत का खतरा ज्यादा होता है।

महिलाओं के लिए ठीक नहीं है तनाव में काम करना
महिलाओं के लिए ठीक नहीं है तनाव में काम करना

इसके अलावा अनियमित मासिक चक्र, समय से पहले रजनोवृत्ति, गर्भावस्था की समस्याएं, गर्भावधि मधुमेह और हार्मोन प्रतिस्थापन उपचार भी महिलाओं में हृदय की स्थिति को खराब करता है।

महिलाओं में इन रोगों का निदान और चिकित्सा अक्सर मुश्किल हो जाती है। वहीं ईसीजी परीक्षण और एरगोमेट्री भी कम निर्णायक होते हैं। हालांकि महिलाओं के लिए लगातार कई ऐसे प्रयोग और परीक्षण स्थापित किए जा रहे हैं, जिनसे उन्हें हृदय रोग से बचाया सके।

वसा की मात्रा और मधुमेह के बाद होने वाले तनाव विकार भी महिलाओं के स्वास्थ्य में काफी अहम भूमिका निभाते हैं। शोधार्थी कहते हैं, महिलाओं को सक्रिय रूप से दैनिक दिनचर्या में आराम की अवधि को शामिल करने की जरूरत है। इसके अलावा तनाव को कम करने के लिए पर्याप्त शारीरिक गतिविधियों को पहले ही सुनिश्चित कर लेना चाहिए।

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