फीस न देने पर स्कूल से निकाला मासूम बच्ची को – Fees na Dene par School se nikala Masum Bachi ko

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प्राइवेट स्कूलों में फीस को लेकर पैरंट्स और प्रशासन के बीच लड़ाई बढ़ती ही जा रही है और शिक्षा निदेशालय की चुप्पी मामले को और भी गंभीर बना देती है।

इस लड़ाई का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला कैंब्रिज फाउंडेशन स्कूल, राजौरी गार्डन में देखने में आया है।

यहां स्कूल ने फीस का भुगतान न करने पर पांच बच्चों को स्कूल से निकालने का आदेश जारी कर दिया। अब ये बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और घर पर बैठे हुए हैं। पैरंट्स शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया है।

यह मामला बढ़ी फीस का है। स्कूल ने सेशन 2010-11 के लिए फीस में बढ़ोतरी की थी, लेकिन कुछ पैरंट्स इस बढ़ी हुई फीस को देने को तैयार नहीं हैं। वहीं, स्कूल का कहना है कि बढ़ी फीस दिए बिना बच्चे स्कूल में नहीं पढ़ सकते।

इस मामले में शिक्षा निदेशालय के संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि मामला पेचीदा होता जा रहा है, लेकिन निदेशालय की ओर से इसे हल करने की पहल नहीं की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, पहली, दूसरी, तीसरी, छठी और आठवीं क्लास के एक-एक बच्चे को निकाला गया है। छठी क्लास के स्टूडेंट ऋषभ तेवानी को भी स्कूल ने निकाला है। ऋषभ के पिता जयदीप तेवानी का कहना है कि पैरंट्स बढ़ी फीस देने को भी तैयार हैं,

लेकिन पहले यह साफ किया जाए कि किस आधार पर फीस बढ़ाई गई है। उनका कहना है कि निदेशालय यह लिखकर दे कि स्कूल की फीस बढ़ोतरी जायज है, तो पैरंट्स अपना आंदोलन वापस ले लेंगे।

लेकिन न तो स्कूल ही यह बता पा रहा है कि फीस किस आधार पर बढ़ाई गई है और न ही निदेशालय यह बता पा रहा है। ऐसे में पैरंट्स बढ़ी फीस देने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि पैरंट्स पुरानी फीस का चेक स्कूल को देते रहे हैं

लेकिन स्कूल चेक वापस कर देता है। अब स्कूल ने 29 दिसंबर को नोटिस जारी कर उनके बच्चे को स्कूल से निकाल दिया और घर भेज दिया। उनका आरोप है कि स्कूल में उनके बच्चे के साथ भेदभाव किया जाता है और दूसरे बच्चों की भी इसी तरह की समस्या है।

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