पेरियार 

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पेरियार एक राजनेता व सामाजिक सुधारक थे उनका पूरा नाम नायकर रामासामी था उनका जन्म तमिनलाडु में सन 1879 में एक हिन्दू परिवार में हुआ उनके पिता वेंकतप्पा नायडू व माता चिन्ना थायाम्मल थी हिन्दू परिवारक पृष्ठभूमि होने के कारण बचपन से ही पेरियार ने धार्मिक उपदेशो कर्मकाण्डो रूढ़िवादिता को करीब से देखा बचपन से ही वे उपदेशो पुराणो हिन्दू महाकाव्यों को तर्क की कसौटी पर चोट भी करते उन्होंने प्रत्येक उस प्रथा का विरोध किया जिसका कोई तार्किक आधार न हो पेरियार ने हिन्दू वर्ण -व्यवस्था का बहिष्कार किया वे दलित के शोषण के पूर्ण विरोधी थे पेरियार जीवन भर धर्म के पाखण्ड के खिलाफ लड़ते रहे एक बार काशी में पेरियार को निशुल्क भोजन देने से केवल इसलिए मना कर दिया क्योंकि वे ब्रामण नहीं थे इस बात से वह बहुत आहत हुए और उन्होंने रूढ़िवादी हिन्दुत्व की कुरीतियों का विरोध करना प्रारम्भ किया पेरियार ने जीवन भर किसी धर्म को नहीं अपनाया वे नास्तिक रहे उन्होंन  कांग्रेस की सदसयता ग्रहण की अपने सामाजिक कार्यो व कल्याणकारी कृत्यों के फ़लस्वरूप इकाई के प्रमुख बन गए केरल के वैकोम में दलितों को मंदिर के आस -पास से गुजरने वाली सड़को पर चलने की मनाही थी कांग्रेस नेताओ के आग्रह पर पेरियार ने वैकोम आंदोलन का नेतृत्व किया उन्होंने दलितों व गैर ब्रामणो पर हो रहे शोषण के लिए विरोध संघर्ष किया हिंदी विरोध आंदोलन में भी इस पार्टी ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की पेरियार ने अपना सम्पूर्ण जीवन दलितों के उत्थान नारी -शिक्षा सामाजिक समानता पर केंद्रित कर दिया
सचिन कुमार सेवक
sachinkr4777@gmail.comSachin Kumar Sewak

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