देश का चीता – मौत को मात देकर घर लोटा 

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सी आर पी ऍफ़ के ४५वी  बटालियन के कमांडिंग अफसर चेतन  चीता ने कश्मीर की घाटी में आतंकियों का डटकर मुकाबला किया ! इस मुठभेड़ में उनकी दाई आँख, पेट, हाथ पैर और उनके पीछे के हिस्से में गोलिया लगी लेकिन  इस सबके बाबजूद उन्होंने हिम्मत  न हारते  हुए दुश्मन का सामना करते  रहे बेहोसी हालत में उन्हें कश्मीर से दिल्ली एम्स ट्रॉमा सेंटर हेलोकॉप्टर से लाया गया उस समय  उनके साथ उनकी पत्नी उमा भी थी ! वे भी उनका साहस बड़ा रही  थी ! उमा ने बताया की उसे विश्वास था की मेरे  पति वीर व साहसी है इसलिए  उन्हें  कुछ भी नहीं होगा ! उन्होंने शुरू से ही देश सेवा का प्रण  किया  था  और  उन्होंने ऐसा कर दिखाया !
एम्स ट्रामा सेंटर के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित गुप्ता ने कहा कि चीता 16 दिनों तक कोमा में रहे अब वह ठीक है ! डॉ.गुप्ता के मुताविक चेतन चीता के सिर, पेट, दोनो हाथ  शरीर के पिछले हिस्से में गोलिया लगी थी जिनको आपरेशन के दौरान निकाल दिया गया ! उनकी दाहिनी आँख की रौशनी लौटना कम संभव है ! बाई आँख में भी छर्रे लगे थे लेकिन इस आँख की रोशनी बरक़रार है तथा वह सामान्य है ! डॉ. गुप्ता ने कहा कि हॉस्पिटल लाने  से पहिले चीता कोमा में था ! सर में गोली लगी थी शरीर पूरी तरह जख्मी था और दाहिनी आँख क्षतिग्रस्त हो चुकी थी ! गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने ऐसे सुपूतो की तारीफ़ की और पूरे चिकित्सा स्टाफ पर भरोसा रखते हुए उन्हें तारीफ़ ए काबिल नाम से सराहा और उम्मीद जताई कि चेतन चीता को वे पहिले जैसे अंदाज में देखने के उत्सुक है ऐसी कामना की जाती है !

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