दिल्ली में हो रहे है बच्चे नशे के शिकार

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 दिल्ली में हो रहे है बच्चे नशे के शिकार 
 आप सब तो जानते है की नशा बहुत ही बुरी लत है जिसे लगने में टाइम नही लगता लेकिन खत्म करने में जिंदगी बीत जाती है और यही नशा देश की राजधानी  दिल्ली में भी बहुत अधिक बढ़ गया है  जिसमे बड़ो से ज्यादा बच्चो की संख्या ज्यादा देखने को मिली राजधानी में 12 – 13 वर्ष के बच्चे हुए है |
  नशे के शिकार वर्ष 2016 में दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग ने एम्स को ड्रग्स की लत वाले बच्चो ले सर्वेक्षण का जिम्मा सौंपा था | एम्स ने इसके लिए सड़को पर जीवन  बिताने वाले बच्चो का सर्वेक्षण  किया | इस सर्वेक्षण में गया की 70 हजार बच्चे यह भी खुलासा हुआ कि बच्चे साधरण नशा ही नही बल्कि खरतनाक नशो के गिरफ्त में भी बुरी तरह फसे हुए है | इसमे नाश करने वाले कम उम्र के बच्चे जैसे 12 – 13 साल के बच्चे शामिल है वही अन्य प्रकार के नशे में शामिल 9 वर्ष के बच्चो को बताया गया है |
   और एम्स की सर्वे रिपोर्ट में दिल्ली में बहुतायत बच्चो को नशा का आदि पाया गया है इस रिपोर्ट को दिल्ली सरकार को भी भेज दिया है साथ ही बच्चो के नशा मुक्ति के व्यापक स्तर पर इंतजाम और योजनाए शीघ्र तैयार करने की सलाह भी जारी की गई है | जानकारी के मुताबिक दिल्ली सरकार ने एम्स की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए इस आशय में उपयोगी योजनाओ को तैयार करने की करवाई भी शुरू कर दी है | बताया गया है की शाहदरा के हबास अस्पताल में नशे का इलाज करवाने के लिए योजना बनाई जा रही है|
   एम्स की सरकार को सलाह 
  • सबसे पहले बच्चो को अच्छा वातावरण दिया जाना चाहिए |
  • साथ ही बच्चो का सही ढंग से इलाज कर उन्हें परिजनों के हवाले कर दिया जाना चाहिए |
  • बच्चो को आपराधिक गतिविधियों  में शामिल होने से पूर्ण बचाव होना चाहिए |
  • नशे में ऐसे बच्चे है जो की तम्बाखू के आदि हो चुके है |
  • 20 हजार ऐसे बच्चे है जो की तम्बाखू के आदि हो चुके है |
  • भांग – गांजा पीने बाले 5600 बच्चे पाए गए है |
  • बच्चो में शराब पीने वाले की संख्या 9 . 450 है |
  • होरोइन का सेवन करने वाले बच्चो की संख्या 840 है |
  • अन्य प्रकार के नशे का सेवन करने वाले बच्चो की संख्या 7 ,910 के करीब पाई गई है |

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