क्यों कराया एक बेटी ने अपने ही पिता को स्तनपान |

0
2291

जानिए क्या है ये राज़ क्यों कराया एक बेटी ने अपने ही पिता को स्तनपान |
आज हम आपको एक ऐसी खबर सुनाने जा रहे है जिसे सुन कर आप रह जायेंगे दंग, ये तो आपने देखा होगा की माँ अपने बच्चे को दूध पिलाती है लेकिन क्या हो जब एक बेटी अपने पिता को दूध पिलाये जानिए हमारे साथ ये राज़ |ये तो आप जन्नते है की लोकप्रिय पेंटर बारतोलोमिओ के यह पेंटिंग इन दिनो सोशल मीडिया में वायरल हो रही है. दिल को झकझोर देने वाली इस पेटिंग में बाप और बेटी को दर्शाता चित्र है, इसमें एक बेटी अपनी पिता को स्तनपान करा रहीं हैं हो सकता है ये देख कर आपका मन में बहुत गुस्से और अवसाद से भर जाये, लेकिन आपको इसके पीछे छिपी सच्चाई को भी जरुर जान लेना चाहिए |

इस अजीब गरीब घटना ने स्पेन और यूरोप में पवित्रता और मानव मूल्यों व प्यार के बीच बहस छेड़ दी. इस अनोखी घटना को यूरोप के कई पेंटरो ने कैनवास पर उतारा, जिसमें की ये पेंटिंग बहुत ही ज्यादा मशहूर हुई है | इस मामले ने बहुत खिंचा गया |लेकिन जीत मानव मूल्यों की ही हुई और और दोनों बाप बेटी को रिहा कर दिया गया.

हम आपको बताते है जब एक बूढ़े आदमी को मरने तक भूखा रहने की सजा दी गई. उसकी एक बेटी थी जिसने अपने सजायाफ्ता पिता से रोज मिलने का अनुरोध किया जो स्वीकार कर लिया गया |

और मुलाकात के समय लड़की की बड़ी अच्छी तरह तलाशी की जाती थी | कहीं वो अपने पिता के लिए खाने पीने का सामान न लेजाए. उसके पिता भूख के कारण प्रतिदिन कमजोर होते जा रहे थे लड़की अपने पिता के शरीर को मौत के करीब जाते देखकर लड़की बहुत उदास और दुखी थी

और उससे अपने पिता की हालत देखी नहीं जा रही थी तो उसने एक ऐसी हरकत की, जो कई लोगों के सामने पाप के बराबर थी और दूसरों के लिए प्यार और स्नेह की एक अनूठी मिसाल थी. क्योंकि वो प्रतिबंध के कारण अपने साथ कुछ भी नही ले जा सकती थी,

तो उसने मजबूर होकर अपने मर रहे पिता को अपना स्तनपान कराना शुरू कर दिया, जिससे पिता की हालत बेहतर होने लगी. लेकिन एक दिन पहरेदारों ने उसे ऐसा करते हुए देख लिया और उस समय के शासक के सामने पेश कर दिया |

फिर इस अनोखी घटना ने समाज में खलबली मचा दी और लोग दो गुटों में बंट गए, एक धड़ा उसे पिता के पवित्र रिश्ते पर सवाल उठाने लगे, तो दूसरी तरफ उसे पिता के रिश्ते, प्यार और स्नेह की महान भावना की मिसाल के तौर पर बयान कर रहे थे | लेकिन आखिरकार जीत मानव मूल्यों की ही हुई और और दोनों बाप बेटी को रिहा कर दिया गया|

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here