कॉर्पोरेट घरानो की वजह से डूबा बेंको का पैसा

0
192

बैंकों के डूबे कर्ज में लगातार वृद्धि हो रही है. इसके अलावा भाई-भतीजावाद के साथ घोटाले, घपले और धांधली की खबरें आग में घी का काम कर रही हैं.

ऐसे में बाजार के एक दिग्गज का मानना है कि भारतीय कंपनियों को कर्ज देने से बैंकों को मुनाफा नही होता. ऐसे में क्या निवेशकों को बैंक शेयरों से दूर रहना चाहिए?

एम्बिट कैपिटल के सीईओ सौरभ मुखर्जी के अनुसार, कंपनियों को कर्ज देकर कभी बैंकों का फायदा नहीं हुआ है. यह 20 साल पहले भी सच था, 10 साल पहले भी सच था और आज भी सच है. इसमें निजी और सरकारी, दोनों ही बैंक शामिल हैं.

भारत में कुल 39 सूचीबद्ध बैंक हैं, जिनका कुल एनपीए दिसंबर 2017 तिमाही तक 8,86,074 करोड़ रुपये था. इनमें से 19 बैंकों का सकल एनपीए कुल लोन के 10 फीसदी से भी अधिक है.

हाल ही में देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक, पीएनबी में करीब 14,000 करोड़ रुपये का नीरव मोदी घोटाला सामने आया. इसके बाद देश का सबसे बड़ा निजी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, वीडियोकॉन ग्रुप को लोन देने के मामले में भाई-भतीजावाद के सवालों से घिर गया.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here