अवसाद का खतरा बढ़ा रहा है इंटरनेट

0
384

वर्तमान में बच्‍चा हो या बूढ़ा, सभी इंटरनेट का प्रयोग करते हैं। इसका बुरा असर स्‍वास्‍थ्‍य पर भी पड़ता है। हाल ही में हुए एक शोध की मानें तो इंटरनेट पर अधिक समय बिताने वाले किशोरों में ब्‍लड प्रेशर और वजन बढ़ने का खतरा अधिक रहता है।

इंटरनेट की लत का शिकार हो चुके किशोरों में अवसाद का खतरा दोगुने से भी ज्यादा होता है। एक अध्ययन में पहली बार दावा किया गया कि इसकी वजह से किशोरों में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इंटरनेट पर कितने घंटे काम करने से अवसाद का खतरा पैदा हो सकता है। चीन में 15 वर्ष आयुवर्ग वाले 1,000 किशोरों पर अवसाद और चिंता का अध्ययन किया गया।

इसके अध्‍ययनकर्ताओं ने बताया कि प्राप्त तथ्यों में यह पाया गया है कि इंटरनेट का अधिक इस्तेमाल करने से चिंता, अवसाद, मोटापा और सामाजिक अलगाव जैसे अन्य स्वास्थ्य खतरों के बीच में एक गहरा संबंध है। हेनरी फोर्डस डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक हेल्थ साइंसेज की एक शोधकर्ता एंड्रिया कासिडी बुशरोव ने कहा, ‘इंटरनेट का इस्तेमाल करना हमारे दैनिक जीवन का अहम हिस्सा है लेकिन हमें इसका उपभोग नहीं करना चाहिए। हमारे अध्ययन में माना गया है कि इंटरनेट का अधिक इस्तेमाल करने वाले किशोर सप्ताह में औसतन 25 घंटा इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं।’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here