दिल्ली : अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस 

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नयी दिल्ली 1 मई 2017, आज अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के  रूप में मनाया जाता है लेकिन अधिकतर लोगो को ये नहीं पता कि आज का दिन श्रमिक दिवस क्यों मनाया जाता है ! श्रमिक दिवस के जन्मदाता और कोई नहीं बल्कि डॉ. भीम राव आंबेडकर साहिब ही है !  1942 में बाबा साहिब ने लेबर नेता के रूप में मजदूरों के लिए उन्होंने वाएसराय की कर्येकारी परिषद् की लेबर सदस्य के रूप में शपथ ली थी !
इससे पहले फैक्ट्री या अन्य जगह पर 14 घंटे काम लिया  जाता था लेकिन बाबा साहिब ने 8 घंटे की ड्यूटी का नियम बना दिया यही नहीं गरीब औरतो और मजदूर औरतो को कम मजदूरी दी जाती थी पुरुषो के बराबर नहीं ! लेकिन गरीबो के मसीहा और नारी के मुक्ति दाता बाबा साहिब ने समान वेतन व 8 घंटे की ड्यूटी निश्चित की !
इससे पहले कोई नियम नहीं था इसलिए सरकारी क्षेत्रों में कौशल विकास ट्रेड यूनियन मजदूरों और सरकार के माध्यम से श्रम मुद्दों को निपटाने के लिए रोजगार कार्यालय बनाया !
इससे पहले बीमारी का इलाज या किसी प्रकार की मदद के लिए अस्पताल की व्यवस्था नहीं थी कर्मचारी राज्य  बीमा के अंदर विभिन्न सुविधाएं प्रदान करने के लिए क्षतिपूर्ति बीमा के रूप में व किसी प्रकार की चोट लगने के दौरान शारीरिक रूप से विकलांग चिकिस्ता देख रेख व चिकित्सा अवकास इत्यादि सहूलियत व   नियम बना कर मजदूरों के साथ,  एक स्तम्भ के  रूप में मसीहा बन कर आज हमारे देश में श्रम जीवी,  स्त्री, पुरूष,  विकलांग आदि को बराबर का हक़ देकर एक मसीहा जो आज इस दुनिया में नहीं है लेकिन सूरज की तरह उनके कानून हमेशा चमकते रहेंगे और दुनिया में बड़ी ख़ुशी के साथ मजदूर  दिवस एक मई को मनाया जाता रहेगा !
नारी के मुक्ति दाता गरीबो के मसीहा व कानून के ज्ञाता डॉ. बीम राव आंबेडकर साहिब को सतसत नमन

                                                                                                             मनोज पिप्पल

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